(1) वैदिक काल का विभाजन दो भागों ऋग्वैदिक काल- 1500-1000 ई. पू. और उत्तर वैदिक काल- 1000-600 ई. पू. में किया गया है.
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देवता |
संबंध |
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इंद्र |
युद्ध का नेता और वर्षा का देवता |
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अग्नि |
देवता और मनुष्य के बीच मध्यस्थ |
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वरुण |
पृथ्वी और सूर्य के निर्माता, समुद्र का देवता, विश्व के नियामक एवं शासक, सत्य का प्रतीक, ऋतु परिवर्तन एवं दिन-रात का कर्ता |
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द्यौ |
आकाश का देवता (सबसे प्राचीन) |
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सोम |
वनस्पति देवता |
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उषा |
प्रगति एवं उत्थान देवता |
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आश्विन |
विपत्तियों को हरनेवाले देवता |
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पूषन |
पशुओं का देवता |
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विष्णु |
विश्व के संरक्षक और पालनकर्ता |
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मरुत |
आंधी-तूफान का देवता |
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दर्शन |
प्रवर्तक |
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चार्वाक |
चार्वाक |
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योग |
पतंजलि |
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सांख्य |
कपिल |
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न्याय |
गौतम |
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पूर्वमीमांसा |
जैमिनी |
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उत्तरमीमांसा |
बादरायण |
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वैशेषिक |
कणाक या उलूम |
(23) एक और वर्ग ' पणियों ' का था जो धनि थे और व्यापार करते थे.
(24) भिखारियों और कृषि दासों का अस्तित्व नहीं था. संपत्ति की इकाई गाय थी जो विनिमय का माध्यम भी थी. सारथी और बढ़ई समुदाय को विशेष सम्मान प्राप्त था.|
प्राचीन नाम |
आधुनिक नाम |
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क्रुभ |
कुर्रम |
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कुभा |
काबुल |
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वितस्ता |
झेलम |
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आस्किनी |
चिनाव |
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परुषणी |
रावी |
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शतुद्रि |
सतलज |
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विपाशा |
व्यास |
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सदानीरा |
गंडक |
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दृसद्धती |
घग्घर |
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गोमल |
गोमती |
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सुवस्तु |
स्वात् |
(36) आर्यों का प्रिय पशु घोड़ा और प्रिय देवता इंद्र थे.
(37) आर्यों द्वारा खोजी गई धातु लोहा थी.
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दिशा |
उत्तर वैदिक शब्द |
राजा का नाम |
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पूर्व |
प्राची |
सम्राट |
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पश्चिम |
प्रतीची |
स्वराष्ट्र |
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उत्तर |
उदीची |
विराट |
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मध्य |
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राजा |
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दक्षिण |
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भोज |
06:50 AM, 19-May-2020